कांवड़ यात्रा को लेकर हाई अलर्ट, डाक कांवड़ के अंतिम दिनों के लिए विशेष तैयारी
हरिद्वार| पवित्र कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है और यात्रा के दूसरे दिन यानी शुक्रवार से ही संपूर्ण प्रशासनिक अमला और पुलिस महकमा आगामी डाक कांवड़ की तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी तरह जुट गया है। इस वर्ष यह धार्मिक यात्रा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक संचालित होगी, जिसका समापन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देवाधिदेव महादेव के जलाभिषेक के साथ संपन्न होगा। पुलिस और जिला प्रशासन के सामने डाक कांवड़ के अंतिम तीन दिनों की व्यवस्था संभालना सबसे बड़ी और मुख्य चुनौती माना जा रहा है।
बैरागी कैंप और द्वीप पर सुरक्षा व पार्किंग के कड़े इंतजाम
इस बड़ी चुनौती से निपटने और यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने बैरागी कैंप और बैरागी द्वीप क्षेत्र में चाक-चौबंद और व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। नगर पुलिस अधीक्षक अभय सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की सुविधा सुनिश्चित की गई है। मुख्य मार्गों पर वाहनों को बेतरतीब खड़ा होने से रोकने और जाम की स्थिति से बचने के लिए बैरागी द्वीप परिसर को पूरी तरह से तैयार किया गया है।
आपको बता दें कि यह विशेष क्षेत्र आमतौर पर कुंभ मेले के दौरान विभिन्न अखाड़ों के पाण्डालों और शिविरों के लिए आरक्षित रखा जाता है। इस बार यात्रा के दौरान वाहनों की पार्किंग और यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था का अधिकांश भार पंतद्वीप क्षेत्र के अंतर्गत ही प्रबंधित किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि पूरी यात्रा के दौरान मुख्य मार्ग पर किसी भी प्रकार का कोई अवरोध या बाधा उत्पन्न न हो।
सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और भारी पुलिस बल तैनात
मेले और यात्रा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए चप्पे-चप्पे पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार पैनी निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर ऊंचे वॉच टावर भी बनाए गए हैं, जिन पर पुलिसकर्मियों को मुस्तैद किया गया है ताकि वे पूरे इलाके की गतिविधियों पर सीधी नजर रख सकें। इसके अतिरिक्त, पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक संबोधन के लिए लाउडस्पीकरों की प्रभावी व्यवस्था की गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति या सूचना का आदान-प्रदान तुरंत किया जा सके और पुलिस बल पूरी सक्रियता के साथ अपनी ड्यूटी निभा सके।
यातायात प्रबंधन और सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा
पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि रूट डायवर्जन और मार्ग परिवर्तन के साथ-साथ एक बेहतरीन यातायात योजना (ट्रैफिक प्लान) की रूपरेखा पूरी तरह तय कर ली गई है। इसके अलावा, गंगा किनारे बने 100 से अधिक प्रमुख स्नान घाटों के लिए भी एक विशेष सुरक्षा योजना तैयार की गई है। शहर के प्रसिद्ध सिद्धपीठों—मां मनसा देवी, मां चंडी देवी और पौराणिक दक्ष महादेव मंदिर सहित अन्य सभी प्रमुख मंदिरों में भी भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सुरक्षा और निगरानी के लिए पारंपरिक पुलिस बलों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीमों के साथ-साथ पीएसी (PAC) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कुल 13 कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा डॉग स्क्वाड, बम निरोधक दस्ते (BDS), जल पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीमें भी मुस्तैद हैं। किसी भी अफवाह या गड़बड़ी को रोकने के लिए साइबर सेल, सोशल मीडिया निगरानी टीम और विशेष रूप से प्रशिक्षित साइबर कमांडो की टुकड़ियां भी पूरी तरह सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इन तमाम सुरक्षा प्रबंधों का मुख्य उद्देश्य देश भर से आने वाले कांवड़ यात्रियों को सुगम यातायात, एक सुरक्षित यात्रा और आध्यात्मिक रूप से एक सुखद अनुभूति प्रदान करना है।
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