रुद्रप्रयाग| उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अंतर्गत आने वाले अगस्त्यमुनि क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के चलते कई निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई स्थानीय मार्ग बाधित हो गए हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत कार्यों और मार्ग बहाली में जुटे हुए हैं।

जलभराव और घरों में घुसा पानी

नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के बसंत विहार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) कॉलोनी और खंड विकास कार्यालय के पीछे के इलाकों में जलभराव की भयंकर समस्या बन गई है। कई आवासीय मकानों के परिसरों और आंगनों में पानी भर जाने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खंड विकास कार्यालय के पीछे स्थित कई घरों तक पहुँचने वाले पैदल रास्ते पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं और कुछ घरों के भीतर तक पानी घुस गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में उचित जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था के अभाव के कारण हर मामूली बारिश में भी यहाँ जलभराव की विकट समस्या पैदा हो जाती है।

पहाड़ी से गिरा बोल्डर, बाल-बाल बची गाड़ी

अगस्त्यमुनि पेट्रोल पंप के समीप पहाड़ी से एक विशालकाय बोल्डर अचानक आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से वहाँ खड़ी एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त उस वाहन में कोई भी व्यक्ति सवार नहीं था, अन्यथा एक बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। वहीं, सिल्ली के निकट पहाड़ी से मलबा आने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग कुछ समय के लिए पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था, जिसे बाद में प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए सुचारू कर दिया। इसके अतिरिक्त, लगातार हो रही बारिश के कारण चिल्ड्रन एकेडमी इंटरमीडिएट कॉलेज की ओर जाने वाला मार्ग भी जलमग्न हो गया है, जिसके चलते एहतियात के तौर पर विद्यालय में अवकाश घोषित करना पड़ा।

उफान पर नदियाँ और जिलों में बंद मार्ग

रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही वर्षा के प्रभाव से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर बह रहा है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.80 मीटर दर्ज किया गया है, जो 626.00 मीटर के निर्धारित चेतावनी स्तर से अधिक है; जबकि मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.50 मीटर है, जो 625.00 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर बना हुआ है। हालाँकि, राहत की बात यह है कि दोनों नदियाँ अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, फिर भी प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

पूरे उत्तराखंड राज्य में भूस्खलन और भारी बारिश के चलते विभिन्न श्रेणियों के कुल 111 मार्ग अवरुद्ध हैं। अकेले देहरादून जिले में सबसे अधिक 27 सड़कें बंद हैं, जबकि पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी और उत्तरकाशी में भी कई मुख्य एवं ग्रामीण मार्ग बाधित चल रहे हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान रुद्रप्रयाग में 10 मिमी, ऊखीमठ में 37.50 मिमी और जखोली में 12 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल और सुरक्षा प्रबंध

जिला मुख्यालय स्थित जवाड़ी बायपास मार्ग पर संगम व्यू प्वाइंट के पास सड़क की रिटेनिंग वॉल भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय लोगों ने उस क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी बैरियर लगा दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता ने बताया कि विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और मौसम के साफ होते ही क्षतिग्रस्त दीवार के स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। तब तक नागरिकों से उस मार्ग से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।