रामलीला ग्राउंड शुद्धिकरण पर कांग्रेस का विरोध, उत्तराखंड में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
देहरादून: उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया हल्द्वानी दौरे और उसके बाद आयोजित जनसभा के मंच के कथित 'शुद्धिकरण' को लेकर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना के विरोध में कांग्रेस पार्टी आक्रामक रुख अपनाते हुए आज पूरे प्रदेश में जोरदार प्रदर्शन कर रही है और भाजपा पर गंभीर आरोप लगा रही है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बीते 8 अगस्त को उत्तराखंड के आधिकारिक दौरे पर आए थे, जहां उन्होंने हल्द्वानी के प्रसिद्ध रामलीला ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था। खड़गे ने जिस मंच से जनता को संबोधित किया था, उसी मंच का 11 अगस्त को 'श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास' नामक संगठन द्वारा कथित तौर पर शुद्धिकरण अनुष्ठान किया गया। इस घटना के सामने आते ही उत्तराखंड का राजनीतिक पारा अचानक बहुत हाई हो गया है। कांग्रेस ने इस कृत्य को बेहद शर्मनाक और निंदनीय करार देते हुए पूरे राज्य में विरोध के स्वर तेज कर दिए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने की कड़ी निंदा, भाजपा पर साधा निशाना
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक जीत राम टम्टा ने मंच के शुद्धिकरण को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठनों द्वारा इस तरह की घटिया हरकतें करना बेहद शर्मनाक है, जिससे समाज में गलत और नफरत भरा संदेश जाता है। जीत राम टम्टा ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा इस प्रकार की तुच्छ राजनीति और जातिवादी कृत्यों में माहिर हो चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर के एक बड़े नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद मंच को इस तरह अपवित्र मानकर शुद्ध करना न केवल कांग्रेस पार्टी का सीधा अपमान है, बल्कि यह देश के सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी एक बड़ा आघात है। उन्होंने मांग की है कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इसमें शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दलित विरोधी मानसिकता उजागर होने का आरोप
वहीं, कांग्रेस के एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल ने कड़े शब्दों में कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के औपचारिक रूप से माफी मांग लेने भर से यह गंभीर मामला खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद से राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नैनीताल जिले के पुलिस कप्तान इस पूरे मामले पर आंखें और कान बंद करके बैठे हुए हैं। मदनलाल का कहना है कि इस घटना ने भाजपा और उसके अनुषंगी संगठनों की सोची-समझी दलित विरोधी और सामंती मानसिकता को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा केवल किसी एक व्यक्ति, कांग्रेस अध्यक्ष या नेता प्रतिपक्ष के सम्मान का नहीं है, बल्कि यह देश के उन करोड़ों शोषित, वंचित और हाशिए पर खड़े लोगों के आत्मसम्मान और संवैधानिक अधिकारों का सवाल है, जिन्हें सदियों से भेदभाव का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार लोगों पर जल्द कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया, तो उनका यह विरोध प्रदर्शन और अधिक तीव्र किया जाएगा।
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