टूटती उम्मीदों की आखिरी गवाही: नवविवाहिता की मौत से पहले लिखे दर्दभरे शब्द
डोईवाला। पौड़ी गढ़वाल के श्रीकोट निवासी सीमा कंडारी ने कोतवाली डोईवाला में एक दर्दनाक तहरीर देकर अपनी बेटी सृष्टि कंडारी के ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सृष्टि की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला निवासी सौरभ खत्री से हुई थी, जो सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल के लोग उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित करने लगे थे। कभी दहेज की मांग तो कभी घर में होने वाली हर छोटी-बड़ी अनहोनी के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जाता था।
मनहूस कहने के ताने और पति सहित चार लोगों पर हत्या का शक
शुरुआत में शादी के महज तीन महीने बाद ससुर का हृदयघात से निधन हो गया, जिसका पूरा दोष भी नवविवाहिता सृष्टि पर मढ़ दिया गया। उसे घर के लिए अपशकुन और मनहूस कहकर अपमानित किया जाने लगा। शिक्षिका के रूप में कार्यरत बेटी को हर दिन मिलने वाली प्रताड़ना इस हद तक बढ़ गई कि अंततः 29 जुलाई को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां ने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी, ननद चारू और अन्य परिजनों पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वायरल वीडियो के दर्दनाक शब्द और टूटती उम्मीदों की गवाही
मौत से सामने आया एक कथित वीडियो इस पूरे घटनाक्रम का सबसे मर्मस्पर्शी पहलू बन गया है, जिसमें सृष्टि की आवाज में उसकी गहरी बेबसी और लाचारी झलकती है। उसने वीडियो में कहा, "मन बहुत अजीब सा हो गया है... छह महीने से सह रही हूं... अब और सहा नहीं जाता... मनहूस हूं... सॉरी मम्मा..." ये पंक्तियां महज कुछ शब्द नहीं, बल्कि एक बेटी की टूटती हुई उम्मीदों की वह आखिरी गवाही हैं, जिसे वह जीते जी किसी से साझा नहीं कर पाई। इस झकझोर देने वाली घटना ने पूरे उत्तराखंड को अंदर तक हिलाकर रख दिया है।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राकेश गुसांई ने बताया कि मृतका की मां की शिकायत के आधार पर पति समेत अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। घटना की वैज्ञानिक तरीके से जांच के लिए फोरेंसिक टीम बीते बुधवार को ही घटनास्थल का मुआयना कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों का खुलासा अब विधिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्पष्टता के साथ सामने आ सकेगा।
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