धारचूला में बोल्डरों का कहर, पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों के बीच टला बड़ा हादसा
पिथौरागढ़| सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। धारचूला के तीनतोला-गस्कू मार्ग पर पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आ गिरे, जिसकी चपेट में आने से एक यात्री जीप बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि चालक और वाहन में सवार एकमात्र यात्री ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचा ली।
बाल-बाल बचे चालक और यात्री
धारचूला के तीनतोला-गस्कू सड़क मार्ग पर अचानक ऊपर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने लगा। ठीक उसी समय वहां से गुजर रही यात्री जीप के चालक को जब पहाड़ी दरकने का अहसास हुआ, तो उसने तुरंत वाहन रोक दिया और यात्री के साथ गाड़ी से कूदकर सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ लगा दी। उनके पीछे हटते ही एक के बाद एक भारी पत्थर और मलबा सीधे जीप पर आ गिरा, जिससे वाहन चकनाचूर हो गया। जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां काफी ऊंचाई से लगातार मलबा गिरने के कारण आवागमन करना अत्यंत खतरनाक बना हुआ है।
बारिश के चलते जिले की 21 सड़कें ठप
मूसलाधार बारिश के चलते पिथौरागढ़ जिले में कुल 21 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इनमें तीन प्रमुख सीमांत सड़कें—धारचूला-तवाघाट, तवाघाट-गुंजी और न्यू सोबला-दर तिदांग—के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की 18 सड़कें शामिल हैं।
पिथौरागढ़ के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने जानकारी देते हुए बताया कि बारिश के कारण बंद पड़ी सभी ग्रामीण और सीमांत सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की मशीनरी युद्धस्तर पर जुटी हुई है और जल्द ही यातायात सुचारू कर दिया जाएगा।
नदियां उफान पर, प्रशासन की चेतावनी
जिलेभर में मौसम खराब बना हुआ है और लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। काली नदी, गोरी नदी और रामगंगा का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर बह रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा की दृष्टि से नदी-नालों के आसपास बिल्कुल न जाएं।
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