करोड़ों में बिका 6 करोड़ साल पुराना रहस्य, डायनासोर 'गस' बना दुनिया का सबसे महंगा
न्यूयोर्क। लगभग 6.7 करोड़ वर्ष पहले पृथ्वी पर राज करने वाले टायरानोसॉरस रेक्स (T. rex) का जीवाश्म कंकाल 'गस' (Gus) इतिहास का सबसे महंगा डायनासोर बन गया है। सोथबीज़ (Sotheby's) नीलामी घर में इसकी बोली 50.1 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपये) लगाई गई। 10 मिनट तक चली इस होड़ में एक अज्ञात फोन बोलीदाता ने इसे खरीदा।
2021 में हुई थी खोज, योद्धा की तरह मिले निशान
'गस' की खोज साल 2021 में अमेरिका के साउथ डकोटा स्थित एक निजी फार्म में हुई थी।
-
शारीरिक बनावट: यह 38 फीट लंबा और 12.5 फीट ऊंचा जीवाश्म है, जो हड्डियों की संख्या (183 हड्डियां) के आधार पर लगभग 61–63% पूरा है।
-
चोटों के निशान: वैज्ञानिकों को इसकी खोपड़ी पर काटने के गहरे निशान और कई टूटी हुई पसलियां दोबारा जुड़ने के प्रमाण मिले हैं, जो दर्शाते हैं कि 'गस' ने अपने जीवन में कई हिंसक लड़ाइयां लड़ी थीं।
तोड़ा स्टेगोसॉरस 'एपेक्स' का रिकॉर्ड
'गस' ने 2024 में 44.6 मिलियन डॉलर में बिके स्टेगोसॉरस 'एपेक्स' का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले 2020 में 'स्टैन' नाम का T. rex 3.2 करोड़ डॉलर में बिका था।
वैज्ञानिकों ने जताई चिंता
इतनी बड़ी नीलामी के बाद वैज्ञानिक समुदाय में बहस छिड़ गई है। जीवाश्म वैज्ञानिकों का मानना है कि दुर्लभ जीवाश्मों के निजी हाथों में जाने से भविष्य के वैज्ञानिक शोध और आम जनता की पहुंच बाधित होती है। विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि नया मालिक इसे किसी संग्रहालय को सौंपेगा।
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा