मूसलाधार बारिश से संकट, रायपुर में जलभराव और गरियाबंद में हादसा; सीएम साय ने संभाला मोर्चा
रायपुर| छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों और जिलों में पिछले कई दिनों से मानसून पूरी तरह सक्रिय है और झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। विशेष तौर पर राजधानी रायपुर में कल रातभर हुई मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों और रिहायशी कॉलोनियों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों और गलियों में पानी भर जाने के कारण आम नागरिकों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही इस वर्षा के कारण कई स्थानों पर नदियाँ और नाले उफान पर हैं। इस बीच, प्रदेश में बाढ़ और बारिश के हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आधिकारिक बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है।
गरियाबंद में नाला पार करते वक्त तेज बहाव में बहा युवक
राज्य के गरियाबंद जिले में लगातार मूसलाधार बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ उफनते हुए 'सरगी नाला' को पार करने के प्रयास में एक युवक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और बह गया। इस हृदयविदारक घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कैसे युवक नाले के तेज उफान के बीच बह रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचा और बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद अंततः उस युवक का शव नाले से बरामद कर लिया गया। इस आकस्मिक दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, और पुलिस इस मामले की विस्तृत जाँच में जुटी हुई है।
कांकेर में जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करते दिखे शिक्षक
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ सरकारी शिक्षक अपनी जान हथेली पर रखकर नाव के सहारे उफनती नदी पार करने को विवश हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिला शिक्षिकाओं और शिक्षकों को नाव की मदद से खतरनाक तरीके से नदी पार करते हुए साफ देखा जा सकता है। शिक्षकों ने अपनी इस दुर्दशा के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हें प्रतिदिन अपने विद्यालय पहुँचने के लिए इसी जानलेवा रास्ते और नदी का सहारा लेना पड़ता है। बाढ़ और उफान की स्थिति के कारण उन्हें हर पल भारी डर सताता रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस गंभीर समस्या से जिला प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, परंतु अभी तक उनकी इस समस्या का कोई भी स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
धमतरी में जान जोखिम में डालकर उफनती नदियों को पार कर रहे लोग
उधर, धमतरी जिले में भी लगातार हो रही भारी बारिश के बाद तमाम नदियाँ और नाले खतरे के निशान के ऊपर बह रहे हैं तथा जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। परंतु इस आपदा और मुसीबत की घड़ी में भी आम जनता अपनी जान को जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रही है। जलधारा का वेग इतना अधिक खतरनाक है कि एक छोटी सी असावधानी भी किसी की भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है, इसके बावजूद लोग उफनते पानी के ऊपर से अंधाधुंध गति से अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन निकाल रहे हैं। नदी घाटों और रस्तों पर लोगों की यह गंभीर लापरवाही किसी भी क्षण एक बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए सख्त निर्देश
प्रदेश में बिगड़ते मौसम और बाढ़ के हालातों के मद्देनजर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य की जनता से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और पूरी सावधानी बरतें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर रखा गया है। सभी जिलों के कलेक्टरों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें और निरंतर स्थिति की निगरानी करते रहें। इसके साथ ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और जरूरतमंद लोगों तक बिना किसी देरी के त्वरित राहत सामग्री एवं चिकित्सीय सहायता पहुँचाने के भी कड़े निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।
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