नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय सियासत तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से बगावत कर एनसीपीआई में शामिल हुईं सांसद सायोनी घोष का रुख पूरी तरह बदल गया है। 2024 में जादवपुर सीट से लोकसभा सांसद चुनी गईं सायोनी कभी बीजेपी और पीएम मोदी की मुखर आलोचक मानी जाती थीं, लेकिन अब उन्होंने एनडीए संसदीय दल की बैठक ('मंगल मिलन') में भाग लेकर सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है।

एनडीए संसदीय दल की बैठक में लिया हिस्सा

संसद भवन परिसर की लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित एनडीए की इस बैठक में काकोली घोष और शताब्दी रॉय के साथ सायोनी घोष ने पहली बार शिरकत की। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस अनुभव को काफी ज्ञानवर्धक और समृद्ध करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट), ब्लू इकोनॉमी और आगामी विधायी एजेंडों पर विस्तार से दी गई जानकारी देश की प्रगति को समझने में बेहद मददगार है।

विरोध से समर्थन तक: राजनीति का बड़ा यू-टर्न

कभी भाषणों और शायरी के जरिए केंद्र सरकार पर तीखे हमले करने वाली सायोनी घोष के तेवर अब पूरी तरह बदल चुके हैं। टीएमसी से अलग होने के बाद उन्होंने 'एंटी-पेपर लीक बिल' (पब्लिक एग्जामिनेशन बिल) पर खुलकर मोदी सरकार के कदम का समर्थन किया है। विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी के खेमे से बाहर निकलकर सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करना उनके राजनीतिक करियर का एक बड़ा बदलाव है।