कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में ऐसे चलेगा ट्रैफिक, जानिए नया रूट प्लान
हरिद्वार। गुरुवार 30 जुलाई से शुरू हो रहे प्रसिद्ध कांवड़ मेले को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात की पुख्ता व्यवस्था कर ली है। पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटकर पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान जारी किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को 141 सेक्टरों में बांटा
कांवड़ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक खाका तैयार किया है। पुलिस ने आम जनता और कांवड़ियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए यात्रा शुरू करने से पहले जारी किए गए ट्रैफिक प्लान का अध्ययन अवश्य कर लें।
विभिन्न राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए रूट डायवर्जन
सहारनपुर, दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को मंडावर, लक्सर होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जाएगा। मुरादाबाद और नजीबाबाद से आने वाले वाहनों को गौरीशंकर व नीलधारा पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। वहीं, देहरादून और ऋषिकेश की ओर से आने वाली गाड़ियों के लिए चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग तय की गई हैं।
एक्सप्रेसवे पर पाबंदी और भारी वाहनों के नियम
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ वाहनों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है, हालांकि दिल्ली से देहरादून जाने वाली बसों को इस मार्ग पर चलने की छूट रहेगी। भारी वाहनों के प्रवेश पर 5 अगस्त से 11 अगस्त तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जबकि इससे पहले इनका परिचालन केवल रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक ही हो सकेगा।
पैदल कांवड़ियों और चारधाम यात्रियों के लिए विशेष मार्ग
हर की पैड़ी से जल लेकर लौटने वाले पैदल कांवड़ियों के लिए बहादराबाद नहर पटरी, चंडी चौक और दूधाधारी तिराहे से होकर विशेष पैदल मार्ग बनाए गए हैं। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ से केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले चारधाम यात्रियों को कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर मार्ग या एक्सप्रेसवे का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
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