लोहाघाट/चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले में इको-पर्यटन (Eco-Tourism) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए साधन जुटाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा लोहाघाट में एक आधुनिक 'इको अवेयरनेस सेंटर' का निर्माण कराया जा रहा है। सोमवार को चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) अविनाश सिंह ने निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की भविष्य की योजनाओं और बजट से जुड़ी चुनौतियों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

अनुपयोगी रिसर्च सेंटर का होगा सदुपयोग

डीएफओ अविनाश सिंह ने बताया कि लोहाघाट में डिग्री कॉलेज के समीप वन विभाग का एक पुराना रिसर्च सेंटर बरसों से खाली और निष्प्रयोज्य (बेकार) पड़ा हुआ था। विभाग ने इसी परिसर का सदुपयोग करने की अनूठी योजना बनाई है। इसे पूरी तरह पुनर्विकसित कर 'इको अवेयरनेस सेंटर' का रूप दिया जा रहा है। इस केंद्र के संचालन की पूरी कमान स्थानीय युवाओं के हाथों में सौंपी जाएगी, जिससे क्षेत्र में रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे।

फंड की कमी से काम प्रभावित, शासन को लिखा पत्र

परियोजना की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए डीएफओ ने स्वीकार किया कि इस समय धन की उपलब्धता कम होने के कारण निर्माण कार्य की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। उन्होंने बताया कि इस रुकावट को दूर करने के लिए उनके स्तर से उच्चाधिकारियों और शासन को अतिरिक्त धनराशि आवंटित (आवमुक्त) करने के लिए आधिकारिक पत्र भेजा जा चुका है। डीएफओ ने भरोसा जताया कि बजट जारी होते ही अवेयरनेस सेंटर के बचे हुए निर्माण कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया जाएगा।

आदि कैलाश जाने वाले पर्यटकों को मिलेगा नया ठिकाना

क्षेत्र में बढ़ रहे पर्यटन का जिक्र करते हुए वन अधिकारी ने कहा कि लोहाघाट अब एक प्रमुख टूरिस्ट हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में आदि कैलाश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी एक से दो दिन का विश्राम लोहाघाट क्षेत्र में करते हैं। अवेयरनेस सेंटर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को ठहरने के लिए एक बेहतरीन विकल्प मिलेगा, जहां वे प्रकृति के खूबसूरत नजारों के बीच समय बिता सकेंगे।

घने देवदार के बीच टेंट हाउस और ट्रैकिंग की सुविधा

सैलानियों को आकर्षित करने के लिए इस इको सेंटर में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। केंद्र की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:

  • प्राकृतिक ट्रैकिंग रूट: देवदार के घने और खूबसूरत जंगलों के बीच से होकर गुजरने वाले ट्रैकिंग रास्तों का निर्माण किया जा रहा है।

  • एडवेंचर टेंट सुविधा: प्रकृति के करीब रहने का अनुभव देने के लिए परिसर में टेंट हाउस की व्यवस्था की जाएगी।

  • वन्यजीव गैलरी: अवेयरनेस सेंटर के भीतर विभिन्न दुर्लभ जानवरों और वनस्पतियों के आकर्षक पोर्ट्रेट व तस्वीरें लगाई गई हैं, जो ज्ञानवर्धक होंगी।

इसके साथ ही, बाहरी पर्यटकों के अलावा स्थानीय आम नागरिक भी वन विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम शुल्क (किराया) देकर इस खूबसूरत परिसर का भ्रमण कर सकेंगे। निरीक्षण के दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) नेहा चौधरी, रेंजर रमेश चंद जोशी समेत वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।