देहरादून| उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम विस्फोट से उड़ाने की खौफनाक धमकी देकर सोशल मीडिया पर सनसनी और दहशत फैलाने वाले मुख्य आरोपी को देहरादून पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है। एसएसपी देहरादून के कड़े दिशा-निर्देशों पर गठित स्पेशल पुलिस टीम ने सटीक तकनीकी जांच और पुख्ता डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़े इस शातिर आरोपी की पहचान हरियाणा के अंबाला निवासी 26 वर्षीय जसप्रीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिससे वह लगातार धमकी भरे पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहा था।

सोशल मीडिया पर धमकी के बाद दर्ज हुआ था संगीन केस

पुलिस अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बीती 23 जून 2026 को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंड के समस्त थानों को बम से उड़ाने से जुड़े कई पोस्ट तेजी से वायरल हुए थे। इस संवेदनशील और डरावनी पोस्ट के कारण राज्य के आम नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली नगर थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(3), 353 और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की धारा 66एफ के तहत बेहद संगीन धाराओं में एफआईआर (मुकदमा) दर्ज की गई थी।

साइबर सेल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से ऐसे दबोचा गया आरोपी

मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए एसएसपी देहरादून ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में एक हाईटेक पुलिस टीम का गठन किया। इस विशेष टीम ने इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स का बारीकी से साइबर विश्लेषण किया। गहन तकनीकी सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मिलान करने के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपी की सटीक लोकेशन ट्रैक की और 28 जून को उसे कोतवाली नगर क्षेत्र के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा: 'चमोली विवाद' का लिया बदला

कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी जसप्रीत सिंह ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी ने बताया कि कुछ दिनों पहले चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय युवकों और सिख समुदाय के कुछ लोगों के बीच एक हिंसक झड़प हुई थी। उस विवाद के बाद स्थानीय पुलिस द्वारा की गई कानूनी कार्रवाई से वह बेहद नाराज चल रहा था।

इंटरनेट पर उस घटना से जुड़ी कई वीडियो देखने के बाद उसका गुस्सा और बढ़ गया। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस को खुली चुनौती देने और आम जनता के बीच खौफ का माहौल पैदा करने के इरादे से उसने 25 जून को अपनी निजी इंस्टाग्राम आईडी का इस्तेमाल किया और राज्य के सभी थानों में सिलसिलेवार बम धमाके करने की धमकी भरी टिप्पणी (कमेंट) पोस्ट कर दी।

मोबाइल फोन जब्त, पुलिस की आमजन से जिम्मेदार रहने की अपील

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी जसप्रीत का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है और उसमें मौजूद अन्य आपत्तिजनक डेटा तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए उसे स्टेट फॉरेंसिक लैब भेज दिया है।

इस बड़ी कामयाबी के बाद देहरादून पुलिस ने देश और प्रदेश के तमाम नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की पुरजोर अपील की है। पुलिस प्रशासन ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि इंटरनेट पर किसी भी प्रकार की भ्रामक, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली, धमकीपूर्ण या आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली पोस्ट डालना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। ऐसे मामलों में शामिल किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी धाराओं के तहत सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।