देहरादून| उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक निजी कॉलेज में छात्रों के माथे से तिलक मिटवाने और उनके हाथों में बंधा कलावा (मौली) जबरन उतरवाने का एक बेहद संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। शनिवार को घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता कॉलेज परिसर पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।

ड्रेस कोड का हवाला देकर दी कॉलेज न आने की धमकी

कॉलेज में पढ़ने वाले पीड़ित छात्रों का आरोप है कि जब वे सुबह माथे पर तिलक लगाकर और कलाई पर कलावा बांधकर कॉलेज पहुंचे, तो वहां मौजूद मुख्य द्वारों और कक्षाओं में उन्हें रोक दिया गया। कॉलेज प्रशासन के कुछ जिम्मेदार लोगों ने इसे 'ड्रेस कोड' का उल्लंघन बताते हुए तुरंत तिलक मिटाने और कलावा काटने के निर्देश दिए। छात्रों ने यह भी दावा किया कि उन्हें साफ तौर पर चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने इन निर्देशों का अक्षरसः पालन नहीं किया, तो उन्हें कॉलेज परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा और उन्हें घर वापस लौट जाना होगा।

बजरंग दल ने जताया कड़ा विरोध, परंपराओं पर चोट बर्दाश्त नहीं

जैसे ही इस दुर्व्यवहार का वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ता तुरंत हरकत में आ गए। भारी संख्या में कार्यकर्ता ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कॉलेज कैंपस पहुंचे और मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ गए।

कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "माथे पर तिलक लगाना और हाथ में रक्षासूत्र (कलावा) बांधना सनातन धर्म की सदियों पुरानी आस्था, संस्कृति और धार्मिक परंपरा का एक बेहद पवित्र प्रतीक है। इसे किसी भी सूरत में अनुशासनहीनता या ड्रेस कोड से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। भारत के संविधान में हर नागरिक को अपनी धार्मिक मान्यताओं के पालन की स्वतंत्रता है और शिक्षण संस्थानों में इस तरह की दमनकारी पाबंदी को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।"

प्रशासनिक हस्तक्षेप और शांति की अपील

कॉलेज परिसर में बढ़ते तनाव और हंगामे को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कॉलेज प्रशासन से इस कृत्य के लिए बिना शर्त माफी मांगने और जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ तुरंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है, अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। फिलहाल कॉलेज परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में एहतियातन सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।