देहरादून: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के करोड़ों अंशधारकों को अगले कुछ दिनों तक पीएफ से जुड़े ऑनलाइन कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भविष्य निधि संगठन ने अपने मुख्य डेटाबेस को आपस में जोड़ने और अपने डिजिटल सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन को पूरी तरह अपग्रेड करने के लिए अपनी सदस्य सेवाओं को कुछ समय के लिए रोक दिया है। विभाग की ओर से शुरू किए गए इस बड़े तकनीकी बदलाव के चलते वर्तमान में ईपीएफओ के आधिकारिक पोर्टल पर पीएफ क्लेम करने, एडवांस पीएफ निकालने के लिए आवेदन करने और अपनी जमा राशि की पासबुक डाउनलोड करने जैसी महत्वपूर्ण ऑनलाइन सुविधाएं पूरी तरह से बंद हो गई हैं।

सिस्टम को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए लिया गया फैसला

इस तकनीकी रुकावट को लेकर भविष्य निधि संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई अचानक आई खराबी नहीं है, बल्कि एक पूर्व नियोजित और तय प्रक्रिया के तहत किया जा रहा सिस्टम अपग्रेडेशन का काम है। इस पूरे मेंटेनेंस और सॉफ्टवेयर अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य भविष्य में पीएफ खाताधारकों को पहले से कहीं ज्यादा तेज, आधुनिक, सुरक्षित और त्रुटिहीन डिजिटल सेवाएं प्रदान करना है। ईपीएफओ के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस सिस्टम को दुरुस्त करने में लगातार जुटी हुई है और विभाग को पूरी उम्मीद है कि ये सभी जरूरी ऑनलाइन सेवाएं एक जुलाई 2026 से दोबारा पूरी क्षमता के साथ सामान्य रूप से काम करना शुरू कर देंगी।

एक जुलाई तक करना होगा इंतजार, विभाग ने जताई असुविधा पर खेद

इस अस्थाई शटडाउन की वजह से देश के उन लाखों कर्मचारियों को तात्कालिक रूप से भारी असुविधा हो रही है, जिन्हें इस समय चिकित्सा, शादी-ब्याह या अन्य किसी निजी काम के लिए पीएफ खाते से पैसे निकालने थे या अपनी पासबुक का बैलेंस चेक करना था। ऐसे सभी खाताधारकों को अब पोर्टल के दोबारा शुरू होने यानी एक जुलाई तक का इंतजार करना होगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने देश भर के अपने सभी सदस्यों से इस तकनीकी सुधार कार्य के दौरान धैर्य बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है, साथ ही इस रुकावट के कारण आम जनता को हो रही दिक्कतों के लिए खेद भी प्रकट किया है।