सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर अनन्या पांडे का बयान, युवाओं को दी सोच बदलने की सलाह
ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़े सितारों पर हमेशा नए ट्रेंड्स के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का एक मानसिक दबाव होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके चाहने वाले उन्हें फॉलो करते हैं। सौंदर्य के मानक और ब्यूटी ट्रेंड्स पलक झपकते ही बदल जाते हैं, जिससे यह दबाव और बढ़ जाता है। हालांकि, मशहूर अभिनेत्री अनन्या पांडे के लिए खूबसूरती का पैमाना हर दिन बदलने वाले ट्रेंड्स नहीं, बल्कि अपनी असलियत और सादगी को स्वीकार करना है।
दिखावे की दौड़ से दूर हैं अनन्या
एक हालिया बातचीत के दौरान एक्ट्रेस ने साझा किया कि वे कभी भी सोशल मीडिया या बाजार के ब्यूटी ट्रेंड्स के पीछे आंख मूंदकर नहीं भागतीं। वे केवल उन्हीं चीजों और शैलियों को तवज्जो देती हैं, जो उन्हें सहज और स्वाभाविक लगती हैं।
अपने कम्फर्ट को देती हैं प्राथमिकता
वेब सीरीज 'कॉल मी बे' में नजर आ चुकीं अनन्या ने कहा, "मैं उन लोगों में से नहीं हूँ जो हर नए ट्रेंड को फॉलो करें। कई बार तो मुझे इंटरनेट पर जाकर देखना पड़ता है कि आजकल क्या नया चल रहा है, अन्यथा मुझे इसकी भनक भी नहीं होती। मैं सिर्फ वही चुनती हूँ जो मुझ पर फबता है और जिसमें मैं सहज महसूस करती हूँ।"
अनन्या का फिल्मी सफर
हाल के दिनों में अनन्या को 'केसरी चैप्टर 2' और 'चांद मेरा दिल' जैसी फिल्मों में उनके शानदार अभिनय के लिए काफी सराहना मिली है, भले ही ये फिल्में टिकट खिड़की पर उम्मीद के मुताबिक कमाई न कर सकी हों। करियर में उतार-चढ़ाव देखने के बाद भी इस युवा अभिनेत्री का बड़े पर्दे के प्रति लगाव और भरोसा कम नहीं हुआ है।
युवाओं और सिनेमा प्रेमियों से खास गुजारिश
अनन्या पांडे का मानना है कि सिनेमाघर का जादू हमेशा बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा, "मुझे खुद थिएटर की बड़ी स्क्रीन पर हर तरह की फिल्में देखना बेहद पसंद है। हर हफ्ते रिलीज होने वाली नई फिल्मों को दर्शकों के बीच बैठकर देखने का मजा ही कुछ और है। मेरा बचपन फिल्मों को देखते हुए ही बीता है। मैं आज की नई पीढ़ी से भी यही कहूंगी कि वे थिएटर जाकर फिल्में देखें और हमारे सिनेमाई सफर को और मजबूत बनाएं।"
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