भगवानपुर: उत्तराखंड के भगवानपुर क्षेत्र में ऑनर किलिंग (पारिवारिक प्रतिष्ठा के नाम पर हत्या) का एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। अपनी बेटी के प्रेम विवाह से बुरी तरह बौखलाए एक पिता और सगे मामा शहनवाज ने बदले की भावना में अंधा होकर अपने ही सगे भांजे मुसीद की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया जब आरोपी को भनक लगी कि उसका भांजा रोजगार के सिलसिले में विदेश (दुबई) जाने वाला है। आरोपी को डर था कि यदि पीड़ित एक बार देश छोड़कर बाहर चला गया, तो वह कभी भी उसके हाथ नहीं आ सकेगा। इसी खौफ और रंजिश के चलते उसने भांजे के दिल्ली एयरपोर्ट रवाना होने से ठीक पहले ही उसकी जीवनलीला समाप्त करने की पूरी योजना तैयार कर ली।

प्रेम विवाह के बाद से ही सुलग रही थी प्रतिशोध की आग, धोखे का था आरोप

स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र द्वारा की गई शुरुआती जांच और पूछताछ में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि इस अंतर-पारिवारिक निकाह के बाद से ही लड़की के पिता (शहनवाज) और उसके नाना का पूरा परिवार भीतर ही भीतर प्रतिशोध की आग में जल रहा था। लड़की के मायके वालों का मानना था कि मुसीद ने न केवल उनके पारिवारिक भरोसे का कत्ल किया, बल्कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर और धोखे में रखकर यह प्रेम विवाह संपन्न कराया था। इस शादी के बाद से ही दोनों परिवारों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद थी और आरोपी लगातार सही मौके की तलाश में था।

दिल्ली में वारदात करना था मुश्किल, इसलिए भगवानपुर को चुना क्राइम स्पॉट

पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, शहनवाज ने इस पूरे हत्याकांड को बेहद ठंडे दिमाग से सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया है। जांच में यह महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है कि आरोपी शहनवाज इस खूनी खेल के लिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक विशेष और बेहद धारदार चाकू खरीदकर लाया था। उसे इस बात का अच्छे से अंदाजा था कि दिल्ली जैसे महानगर या हवाई अड्डे के पास सुरक्षा व्यवस्था चुस्त होने के कारण वारदात को अंजाम देना या वहां से सुरक्षित भाग निकलना नामुमकिन होगा। यही वजह रही कि उसने अपने गृह क्षेत्र भगवानपुर को ही वारदात के लिए चुना और भांजे के घर से निकलते ही जाल बिछा दिया।

पूरी रेकी के बाद सरेराह घेराबंदी, मुखबिरों और मददगारों की तलाश तेज

जिस क्रूरता के साथ बीच सड़क पर रोककर इस वारदात को अंजाम दिया गया, उससे पुलिस अफसरों का साफ मानना है कि हत्या से पहले मुसीद के पल-पल के मूवमेंट की सटीक जानकारी जुटाई गई थी। पुलिस अब इस हत्याकांड के हर तकनीकी और जमीनी पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है।

आशंका जताई जा रही है कि इस पूरी साजिश में मुख्य आरोपी शहनवाज के साथ कुछ अन्य स्थानीय लोग भी शामिल थे, जिन्होंने मुसीद के घर से पैर बाहर निकालने से लेकर उसके मुख्य चौराहे तक पहुंचने की पल-पल की लोकेशन शहनवाज से साझा की थी। शूटर या हमलावर को यह सटीक इनपुट था कि मुसीद हल्लूमाजरा चौक से होकर बिल्कुल अकेला गुजरने वाला है, और इसी सूनेपन का फायदा उठाकर उस पर ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया गया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार संदिग्धों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।