देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के तहत संचालित होने वाली केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा को इस साल मानसून की दस्तक से पहले ही अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) की ओर से 25 जून के बाद हवाई सेवाओं के संचालन को आगे बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी गई है। अब बरसात का मौसम पूरी तरह समाप्त होने के बाद आगामी सितंबर महीने से केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं एक बार फिर से बहाल की जा सकेंगी।

कपाट खुलने के साथ शुरू हुआ था हवाई सफर

बीती 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने के साथ ही इस हवाई सेवा की शुरुआत की गई थी। इस वर्ष यात्रा को सुचारु बनाने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने नए सिरे से निविदा (टेंडर) प्रक्रिया का आयोजन कर आठ प्रमुख हेली ऑपरेटरों को जिम्मेदारी सौंपी थी। इन कंपनियों द्वारा गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा स्थित अस्थाई हेलिपैड से केदारनाथ धाम के लिए निरंतर उड़ानों का संचालन किया जा रहा था।

लाखों श्रद्धालुओं ने किया बाबा केदार के दर्शन

हवाई सेवाओं के लिए चयनित कंपनियों—राजस ऐरा स्पोर्ट्स, ट्रांस भारत एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स, हिमालयन हेली सर्विस, पिलिग्रिमेज एविएशन, एरो एयरक्राफ्ट, चिप्सन एविएशन और थंबी एविएशन ने मिलकर 22 अप्रैल से 25 जून 2026 की अवधि के दौरान बेहतरीन काम किया। इस यात्रा सीजन में इन ऑपरेटरों के माध्यम से कुल 11,800 से अधिक शटल (उड़ानें) भरी गईं, जिनकी मदद से 1.37 लाख से ज्यादा देश-विदेश के तीर्थयात्रियों ने बेहद सुगमता से बाबा केदारनाथ के दर्शन किए।

सुरक्षा कारणों से डीजीसीए ने लगाई रोक

यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, डीजीसीए की ओर से पहले चरण में केवल 25 जून तक के लिए ही केदारनाथ हवाई सेवा की अनुमति प्रदान की गई थी। वर्तमान समय में केदारघाटी में लगातार हो रही प्री-मानसूनी बारिश और मौसम के लगातार खराब व अनिश्चित होने के कारण यात्रियों की हवाई सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उड़ानों की अवधि को आगे बढ़ाने की इजाजत नहीं दी गई है। मानसून का दौर खत्म होते ही सितंबर माह में यह सेवा दोबारा शुरू होगी।