
मार्तण्ड कात्यानी शक्तिपीठ, गौहपुर, खिज़रसराय, गया जी के प्रांगण में शक्ति पीठ संयोजक श्री जालेश्वर नाथ पांडे के नेतृत्व में साहित्यिक सह कवि गोष्ठी का भव्य आयोजन किया किया l हमारी पैतृक सम्पदा ज्ञान विषय पर बंगलोर से पधारे मुख्य अतिथि राश दादा राश जी तथा गया जी से पधारे यदुवंश शर्मा उर्फ सचू दादा ने अपने व्यक्तव दिए l राश दादा राश जी ने कहा की ज्ञान हमारी समृद्धि हैँ इसके बिना जीवन की परिकल्पना नही l प्रेम ज्ञान संबर्धन में काफी सहायक हैँ l प्रेम को परिभाषित करते हुए उन्होंने कविता सुनाई जिससे उपस्थित दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया l सच्चु दादा ने गीता के 20 वें अध्याय श्लोक के द्वारा ज्ञान का महत्व बताये l जीवन क्या हैँ और जीवन में ज्ञान की क्या जरूरत हैँ इस विषय पर विचार रखे l वही कार्यक्रम में पधारे कला, साहित्य एवं पर्यावरण सेवक बिपिन बिहारी ने ज्ञान के साथ चलने की सलाह दिए l नदिया चले चले धारा, चंदा चले चले रे तारा, तुझको चलना होगा गीत के माध्यम से लोगो को जागरूक किये l वही सुरधारा कला केंद्र गया के शिक्षक राज आर्ट्स ने ये कौन चित्रकार हैँ, जो सृष्टि को उकेर रहा हैँ, इसको पहचानना जरूरी हैँ जो ज्ञान से होगा l इस अवसर पर पटना से पधारे राजा भैया, गणेश जी, सहित सेकड़ो लोगो की उपस्थिति ने
कार्यकम की शोभा बढ़ाई l कार्यकम आयोजक सह कात्यानी शक्ति पीठ के संयोजक जालेश्वर नाथ पांडे ने कहा की कात्यानी शक्ति पीठ एक समाज मार्गदर्शक का केंद्र हैँ l अध्यात्म के साथ जीवन जीने का दर्शन ही सच्चा ज्ञान हैँ l आज मगघ की स्थिति अपनी पुर्नावृत्ति की और लौट रही हैँ जो सुखद संकेत हैँ l कार्यकम में संदीप, मनीष, कमलेश, नेहा, राखी,चिंटू, कलश पांडे, रामप्रवेश, प्रियंका, सीमा, रंजीत सहित सभी कात्यानी शक्ति पीठ के सदस्यों ने बढ़ चढ़ कर सहभागिता निभाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाये l अतः में हनुमान चालीसा के पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ततोश्चात् सभी उपस्थित दर्शकों ने भोजन एवं जलपान के साथ सुखद संदेश लेकर विदा हुए














