
गयाजी के वार्ड संख्या 34 के वार्ड पार्षद शीला देवी को प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों की लापरवाही ने मृत घोषित कर दिया है।वार्ड पार्षद शीला देवी ने मंगलवार को बताया कि उसके पति की मौत के बाद विधवा पेंशन का लाभ ले रही थी।जब विधवा पेंशन का राशि बैंक खाता में आना अचानक बंद हुआ तो वह कार्यालय पहुंची।जहां KYC कराने की बात बताई गई।जिसके बाद विधवा पेंशन का लाभ लेने के लिए KYC कराने पहुंची तो वार्ड पार्षद के होश हीं उड़ गए।विधवा पेंशन की राशि बंद करने का कारण यह अंकित था कि जांच में लाभुक मृत है।
अब जीवित वार्ड पार्षद खुद को जीवित साबित करने में जुटी है।कहा कि घर बैठे जांच करने का यह नतीजा है जो घोर लापरवाही को उजागर करता है।वैसे कर्मचारी और अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ओम यादव ने कहा कि एक जीवित वार्ड पार्षद को मृत घोषित कर दिया जाता है। न जाने ऐसे कितने लाभुक होंगे जो विधवा पेंशन के लाभ से वंचित है।लापरवाही के कारण जीवित को मृत घोषित कर दी गई है














