
गया जी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दक्षिण बिहार प्रांत, पटना के गर्ल्स हॉस्टल में अध्ययनरत छात्रा के साथ घटित अमानवीय, नृशंस एवं हृदयविदारक घटना की घोर निंदा करती है। यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि राजधानी पटना में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था की भयावह स्थिति को भी उजागर करती है।

अभाविप पीड़िता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है तथा इस दुःख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गंभीर अवस्था में होने के बावजूद पीड़िता को समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। प्रभात मेमोरियल अस्पताल द्वारा इलाज में बरती गई घोर लापरवाही की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए तथा दोषी चिकित्सकों एवं प्रबंधन पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, शंभू गर्ल्स हॉस्टल प्रशासन की भी गंभीर लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है। छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हॉस्टल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, किंतु इस मामले में वे पूरी तरह विफल सिद्ध हुए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस प्रकरण में हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका की भी उच्चस्तरीय जांच की मांग करती है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दक्षिण बिहार प्रांत की छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह ने कहा कि“यह घटना केवल एक छात्रा पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समाज और व्यवस्था की संवेदनशीलता पर हमला है। पुलिस प्रशासन को अविलंब दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए तथा दोषियों को फांसी जैसी कठोरतम सजा दी जाए, ताकि समाज में एक स्पष्ट और कड़ा संदेश जाए।”

विभाग छात्रा प्रमुख साक्षी गिरी ने कहा कि“आज बेटियाँ अपने ही हॉस्टल और शिक्षण संस्थानों में असुरक्षित महसूस कर रही हैं, यह अत्यंत चिंताजनक है। यदि प्रशासन छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असमर्थ है, तो उसे इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी होगी। अभाविप छात्रा सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी।”
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नंदनी गुप्ता ने कहा कि “इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर किया है। सरकार को इस मामले की सीधी निगरानी करनी चाहिए तथा दोषियों को बचाने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा। छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
गया महानगर सह मंत्री प्रगति मिश्रा ने कहा कि“यदि शीघ्र ही दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सड़क से सदन तक व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सरकार से मांग करती है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए, पुलिस कार्रवाई में तेजी लाई जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।













